हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत "अल-ख़िसाल" किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:
قال امیرالمؤمنین علیه السلام:
«لَیْسَ عَمَلٌ أَحَبَّ إِلَی اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّ مِنَ الصَّلَاةِ، فَلَا یَشْغَلَنَّکُمْ عَنْ أَوْقَاتِهَا شَیْءٌ مِنْ أُمُورِ الدُّنْیَا
अमीरुल मोमेनीन हज़रत अली (अ) ने फ़रमाया:
"ख़ुदावंद-ए-अज़्ज़ा व जल के यहाँ नमाज़ से बढ़कर कोई पसंदीदा अमल नहीं, पस दुनियावी मामलात में से कोई भी चीज़ तुम्हें नमाज़ के औक़ात से ग़ाफ़िल न कर दे।"
अल-ख़िसाल, पेज 621, हदीस
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