रविवार 26 जुलाई 2026 - 06:01
ख़ुदा के नज़दीक सबसे पसंदीदा अमल

अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अ) ने एक रिवायत में नमाज़ की फ़ज़ीलत और उसे वक़्त पर अदा करने की अहमियत की ओर इशारा फ़रमाया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत "अल-ख़िसाल" किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:

قال امیرالمؤمنین علیه السلام:

«لَیْسَ عَمَلٌ أَحَبَّ إِلَی اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّ مِنَ الصَّلَاةِ، فَلَا یَشْغَلَنَّکُمْ عَنْ أَوْقَاتِهَا شَیْءٌ مِنْ أُمُورِ الدُّنْیَا

अमीरुल मोमेनीन हज़रत अली (अ) ने फ़रमाया:

"ख़ुदावंद-ए-अज़्ज़ा व जल के यहाँ नमाज़ से बढ़कर कोई पसंदीदा अमल नहीं, पस दुनियावी मामलात में से कोई भी चीज़ तुम्हें नमाज़ के औक़ात से ग़ाफ़िल न कर दे।"

अल-ख़िसाल, पेज 621, हदीस

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